अध्याय 324

कैरोलाइन ने आर्थर की ओर देखा। उसकी गहरी आँखों में उसकी ही परछाईं झलक रही थी, और उसके चेहरे पर अब भी मुस्कान थी। “जब तक तुम सुरक्षित हो, मैं जो भी करूँ—सब सार्थक है।”

कैरोलाइन का दिल ज़ोर से धड़का: “तुम…”

उसने मुँह खोला, पर कुछ कह नहीं पाई।

इस पूरे मामले में फायदा तो उसी को हुआ था। उसने सिर झुका ल...

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